पलक का ठहराव
स्क्रीन पर ध्यान लगाते समय बहुत से लोग अनजाने में कम और अधूरी पलक झपकाते हैं। यह ठहराव उस पल को याद दिलाने के लिए है।
- कंधे ढीले छोड़ें और स्क्रीन से नज़र हटा लें।
- धीरे से पलकें पूरी बंद करें, एक पल रुकें, फिर खोलें।
- ऐसा कुछ बार करें — उतनी बार, जितना सहज लगे।
क्या नहीं करती: यह सूखी आँख की बीमारी का इलाज नहीं है। सूखापन या किरकिराहट बनी रहे, तो डॉक्टर से मिलें।